रामायण सर्किट वो पर्यटन के लिहाज से वो धार्मिक सर्किट है, जिनका ताल्लुक भगवान राम से रहा है यानि जहां वो पैदा हुए, जिन स्थानों का उनके जीवन से ताल्लुक रहा, जहां वो वनवास के दिनों में रहे या सीता की खोज में गए. केंद्र ने ऐसे क्षेत्रों के रूप में 15 शहरों को चुना गया है, जो भगवान राम के लिहाज से काफी धार्मिक माने जाते हैं और बड़े पैमाने पर लोग इन स्थानों पर दर्शन करने जाते हैं. अब सरकार इन सभी जगहों को सुविधा और संरचना के लिहाज से विकसित किया जा रहा है. ये 15 शहर हैं- अयोध्या, श्रृंगवेरपुर, चित्रकूट, सीतामढ़ी, बक्सर, दरभंगा, नंदीग्राम, महेंद्रगिरी, जगदलपुर, भद्राचलम, रामेश्वरम, हंपी, नासिक, नागपुर, चित्रकूट. इन जगहों को जोड़ते हुए सरकार ने एक ट्रेन भी चलाई है, जिसे रामायण सर्किट ट्रेन कहा गया है.

बिहार के सीतामढ़ी, बक्सर और दरभंगा, उत्तर प्रदेश के अयोध्या, नंदीग्राम, शृंगवेरपुर और चित्रकूट, मध्यप्रदेश के चित्रकूट, ओड़िशा के महेंद्रगिरी, छत्तीसगढ़ के जगदलपुर, महाराष्ट्र के नासिक और नागपुर, तेलंगाना के भद्राचलम, कर्नाटक के हम्पी और तमिलनाडु के रामेश्वर को स्वदेश दर्शन योजना की रामायण परिपथ थीम के अंतर्गत चिह्नित किया गया है. पर्यटन मंत्रालय ने राज्य सरकारों से रामायण परिपथ के अंतर्गत विकास के लिए परियोजना प्रस्ताव तैयार करने को कहा है.

 

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